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श्री शङ्कराचार्य विरचित – अर्धनारीनटेश्वर स्तोत्र

शिव बिना शक्ति के शव समान है। शिव और शक्ति एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। जिस प्रकार सूर्य और प्रकाश अलग नहीं किया जा सकता वैसे ही शिव और शक्ति को अलग नहीं किया जा सकता है। शास्त्रों के अनुसार शिवा और शक्ति एक दूसरे के बिना शक्तिहीन हैं। इस अर्धनारीनटेश्वर स्तोत्र / स्तुति की करने से शिव-शक्ति की

श्री पार्वती माता जी की आरती (Parvati Aarti)

यह श्री पार्वती माता जी (Parvati Aarti) की आरती पुण्य फल दायिनी है। इस कलयुग में भी माता पार्वती की कृपा से प्राणी का उद्धार संभव है। हिन्दू धर्म में माता पार्वती या माता गौरी प्रेम, सौंदर्य और भक्ति की देवी मानी गयीं हैं। अनेकों नामों से प्रख्यात माता पार्वती सर्वोच्च हिंदू देवी आदि शक्ति स्वरूपा हैं। हिंदू इन्हें मातृ

नंदी ने शिव और पार्वती का मिलन कराया

नंदी ने शिव और पार्वती का मिलन कराया (Nandi marries Shiva and Parvati) कैलाश पर्वत पर भगवन महादेव अपनी अर्धांगनी पार्वती देवी को वेद की महात्म्य बता रहे थे जो बर्षों तक चलता रहा। इसी दौरान एक दिन पार्वती देवी की एकाग्रता कुछ छण के लिए टूट गयी। इस पर भगवन भोलेनाथ क्रोधित हो गए और क्रोध में उन्होने पार्वती

शिव पार्वती विवाह की कहानी

शिव पार्वती विवाह की कहानी (Story of Shiv Parvati wedding in Hindi) राजा हिमवत और रानी मैना की बेटी के रूप में धरती पर फिर से देवी सती ने जन्म लिया। माता और पिता ने उसका नाम पार्वती (Parvati) रखा। नारद मुनि को पता चला की हिमवत और रानी मैना ने एक बच्ची को जन्म दिया है तो उसे देखने

भगवान शिव ने पार्वती की परीक्षा लेने के लिए मगरमच्छ रूप धारण किया

भगवान शिव ने पार्वती की परीक्षा लेने के लिए बने  मगरमच्छ यह कथा उस समय कि है जब भगवान शिव को वर के रूप में प्राप्ति के लिए देवी पार्वती जंगल में घोर तपस्या में लीन थी। उनकी ऐसी तपस्या देख कर समस्त देवगण शिव जी से प्रार्थना कर रहे थे कि हे देवाधिदेव पार्वती की मनोकामना पूरा करें। भगवन शिव