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Category: Aarti

श्री बांके बिहारी की आरती (Banke Bihari Ki Aarti)

श्री बांके बिहारी की आरती (Banke Bihari Ki Aarti) करने से बहुत पुण्य प्राप्त होता है। आरती से पहले बांके बिहारी के बारे में संक्षिप्त विवरण उद्धृत है। जाने अपने पूज्य बांके बिहारी के बारे में। श्री बांके बिहारी मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के पवित्र शहर वृंदावन में भगवान कृष्ण को समर्पित है। बांके बिहारी मंदिर की स्थापना

आरती अहोई माता की (Ahoi Mata Ki Aarti)

कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष के अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं अपने पुत्र की लंबी आयु और उसको किसी अनहोनी से बचाने की कामना करती हैं। इस दिन माताएं अहोई माता की पूजा करके निर्जला व्रत रखती हैं। इस पवित्र व्रत पूजा में अहोई माता की कथा एवं आरती (Ahoi Mata Ki Aarti) जरूर

श्री पार्वती माता जी की आरती (Parvati Aarti)

यह श्री पार्वती माता जी (Parvati Aarti) की आरती पुण्य फल दायिनी है। इस कलयुग में भी माता पार्वती की कृपा से प्राणी का उद्धार संभव है। हिन्दू धर्म में माता पार्वती या माता गौरी प्रेम, सौंदर्य और भक्ति की देवी मानी गयीं हैं। अनेकों नामों से प्रख्यात माता पार्वती सर्वोच्च हिंदू देवी आदि शक्ति स्वरूपा हैं। हिंदू इन्हें मातृ

आरती श्री वैष्णो देवी (Aarti Vaishno Devi)

माता वैष्णो देवी हिन्दू धर्म में महान शक्ति के रूप में पूजी जाती हैं। ये अनेक नामों से जानी जाती हैं उसमें माता रानी , त्रिकुटा , वैष्णवी इत्यादि प्रसिद्ध नाम है। वैष्णो देवी मंदिर, भारत के जम्मू और कश्मीर में वैष्णो देवी की पहाड़ी पर समुद्र तल से 5,200 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह हिन्दू का एक

श्री रामायणजी की आरती (Ramayan Aarti)

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम सनातन धर्म के सबसे लोकप्रिय देवताओं में से है। उनके जीवन चरित्र पर आधारित है हिन्दू धर्म के पवित्र धर्म ग्रन्थ रामायण। इसी पवित्र हिन्दू ग्रन्थ से यह श्री रामायणजी की आरती (Ramayan Aarti) लिया गया है। भगवान विष्णु त्रेतायुग में श्री राम के रूप में पृथ्वी पर अयोध्या के राजा जनक के पुत्र के

श्री तुलसी जी की आरती (Tulsi Aarti)

हिंदू धार्मिक परंपरा में तुलसी के पौधे का विशेष धार्मिक महत्व है। हिन्दू के हर घर के आँगन में तुलसी का पवित्र पौधा रहता है जिसे वह सुबह शाम पूजा करते हैं। ‘तुलसी’ नाम का अर्थ “अतुलनीय ” है। इन्हे अतुलनीय देवता के रूप में पूजा जाता है। ऐसे में इस श्री तुलसी जी की आरती (Tulsi Aarti) का पाठ

आरती श्री गंगा जी (Ganga Aarti)

हिन्दू धर्म में गंगा नदी को एक देवी का दर्जा प्राप्त है लोग इन्हें गंगा माता व गंगा मैया के नाम से जानते हैं। गंगा माता सभी पापों को नष्ट कर, मनुष्य को मोक्ष के द्वार तक पहुंचती हैं । ऐसे माता का आरती करना मनुष्य के लिए सौभाग्य की बात है। इस गंगा माता आरती (Ganga Aarti) का पाठ

आरती युगलकिशोर की कीजै (Aarti Yugal Kishoreki Keejai)

श्री राधाकृष्ण के संयुक्त रूप को युगलकिशोर कहा जाता है। युगल का प्रयोग जोड़ा (couple ) के लिए किया जाता है। श्री राधाकृष्ण के संयुक्त स्वरुप का आराधना करने से बहुत पुण्य प्राप्त होता है। साक्षात् नारायण द्वापर युग में पृथ्वी पर अवतरित होकर अपने लीला के माध्यम से पृथ्वी के प्राणी को सच्चे प्रेम का अर्थ बताया था। राधाकृष्ण

आरती श्री दुर्गाजी – अम्बे तू है जगदम्बे काली (Durga Aarti -Ambe Tu Hai Jagdambe Kali)

हिन्दू धर्म में माता दुर्गा की पूजा या आराधना का विशेष महत्व है। ये सभी मनोकामना पूर्ण करने के लिए प्रसस्त हैं। जैसा की हम जानते हैं भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं एवं विभिन्न स्तुति, चालीसा, मन्त्र, आरती इत्यादि का पाठ करते हैं। ऐसे में इस “आरती श्री दुर्गाजी – अम्बे तू है जगदम्बे काली

एकादशी माता की आरती (Ekadashi Mata Ki Aarti)

इस संसार में जन्म लेकर मनुष्य केवल अपने पिछले कर्म का फल ही नहीं भोगता वल्कि जीवन को भक्ति और आराधना में समर्पित कर अपने लिए एक उज्वल जीवन का सृजन कर सकता है। एकादशी व्रत के माहात्म्य से संकेत प्राप्त होता है कि ये व्रत हमारे आने वाले जीवन को सुखद बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है। हिंदू

श्री चित्रगुप्त जी की आरती (Chitragupt Ji Ki Aarti)

यह चित्रगुप्त आरती (Chitragupt Aarti), भगवान चित्रगुप्त की पूजा में पाठ किया जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार संपूर्ण विश्व के सृष्टिकर्ता भगवान ब्रम्हा हैं । भगवान ब्रम्हा ने सबसे पहले अपने शरीर के विभिन्न हिस्सों से 16 पुत्र का निर्माण किये। श्री चित्रगुप्तजी उनकी 17 वीं रचना माना जाता है, जो कि भगवान ब्रम्हा के पेट से उत्पन्न हुए

आरती श्री गणपति जी

यह गणपति आरती (Ganapati Aarti) का पाठ विघ्नहर्ता गणेश (Ganesh) की पूजा में अवश्य करना चाहिए। गणेश, जिन्हें गणपति, विनायक या अन्य कई नामों से जाना जाता है, हिंदू धर्म में सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवताओं में से एक है। उनकी पूजा भारत, श्रीलंका, फिजी, थाईलैंड, बाली (इंडोनेशिया), बांग्लादेश और नेपाल सहित कई देशों में होती है।गणेश की भक्ति