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Month: March 2019

महादेव और सती का प्रेम कथा – कैसे निर्माण हुआ शक्ति पीठ का

महादेव और सती का प्रेम कथा – शक्ति पीठ का निर्माण दक्ष प्रजापति के कई सुन्दर और सुशील पुत्रियां थीं। परन्तु वो एक सर्व शक्ति संपन्न, सर्वत्र विजयिनी पुत्री की चाहत रखते थे। जो गुणवती, रूपवती , वीरांगना, दयावान आदि सभी गुण से परिपूर्ण हों। अपितु ऐसी पुत्री की प्राप्ति के लिए उन्होंने तपस्या प्रारम्भ कर दिए। बहुत दिनों के

शिव पार्वती विवाह की कहानी

शिव पार्वती विवाह की कहानी (Story of Shiv Parvati wedding in Hindi) राजा हिमवत और रानी मैना की बेटी के रूप में धरती पर फिर से देवी सती ने जन्म लिया। माता और पिता ने उसका नाम पार्वती (Parvati) रखा। नारद मुनि को पता चला की हिमवत और रानी मैना ने एक बच्ची को जन्म दिया है तो उसे देखने

भगवान महादेव भी नहीं बच पाए शनिदेव के कुदृष्टि से

भगवान महादेव पर शनिदेव के कुदृष्टि हिन्दू धर्म शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह के पिता सूर्य देव और माता छाया देवी हैं। शनि देव बहुत ही उग्र स्वाभाव के मने जाते है। बचपन से ही शनि देव बड़े ही उदण्ड स्वाभाव के थे। उनकी इस स्वाभाव से पिता सूर्य देव बहुत ही कुपित थे। एक दिन परेशान होकर सूर्य देव

भगवान शिव ने पार्वती की परीक्षा लेने के लिए मगरमच्छ रूप धारण किया

भगवान शिव ने पार्वती की परीक्षा लेने के लिए बने  मगरमच्छ यह कथा उस समय कि है जब भगवान शिव को वर के रूप में प्राप्ति के लिए देवी पार्वती जंगल में घोर तपस्या में लीन थी। उनकी ऐसी तपस्या देख कर समस्त देवगण शिव जी से प्रार्थना कर रहे थे कि हे देवाधिदेव पार्वती की मनोकामना पूरा करें। भगवन शिव

Mahashivratri 2019: 4 मार्च को शुभ मुहूर्त में करें शिव की पूजा। बहुत ही खास है यह महाशिवरात्रि

हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। भगवन शिव देवताओं के भी देवता हैं और माता पार्वती पुरे संसार की माता हैं। अतएब इसी दिन प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है। कब है महाशिवरात्रि 2019 ? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष 04 मार्च

ऐसा है भगवन विष्णु के वामन अवतार की गाथा

भगवन विष्णु के वामन अवतार (Vamana Awatar Story in Hindi) भगवान विष्णु के अनंत लीलाओं में से एक लीला है वामन अवतार (Vamana awatar) । इसकी एक कथा श्रीमद्भगवदपुराण में है । वामन अवतार भगवान विष्णु का पाँचवा अवतार है। जबकि त्रेता युग का यह पहला अवतार है। देवराज इन्द्र का खोया हुआ राज्य वापस दिलाने के उद्देश्य से भगवान