Category

Month: March 2019

अत्याचारी भाई के कारण धधकती अग्नि में जल गयी होलिका – और शुरू हो गया होली का त्यौहार

होलिका दहन प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक अत्याचारी राक्षस राजा था। जो भूलोक यानि पृथ्वी पर राज्य करता था। वह बहुत ही अहंकारी था। वह अपने राज्य के लोगों को केवल अपनी पूजा करने की आज्ञा देता था। वह भगवान विष्णु को अपना शत्रु समझता था। अपितु वह भगवान विष्णु को पूजा करने वालों से सख्त नफ़रत करता

एक चर्चित प्रसंग जब तुलसी दास लिख रहे थे – सिय राम मय सब जग जानी

सिय राम मय सब जग जानी यह बहुत ही चर्चित प्रसंग है जब गोस्वामी तुलसीदास जी “रामचरितमानस” के बालकाण्ड की रचना कर रहे थे, तो उसमें उन्होंने एक बहुत ही प्रसिद्ध चौपाई लिखी थी सियराम मय सब जग जानी, करहु प्रणाम जोरी जुग पानी ।। अर्थात : पूरी दुनिया में भगवान श्री राम का वास है। वो हर चीज में

दशरथ कृत शनि स्तोत्र (Dasharath Krit Shani Stotra)

दशरथ कृत शनि स्तोत्र (Dasharath Krit Shani Stotra) शनि ग्रह, साढ़े साती या शनि ढैया चाहे किसी भी प्रकार का शनि की दशा या महादशा हो इस दशरथ कृत शनि स्तोत्र (Dasharath Krit Shani Stotra) का प्रत्येक शनिवार कम से कम 11 वार पाठ करना चाहिए। इस स्तोत्र की रचना स्वयं महाराजा दशरथ ने अपने ऊपर शनि के प्रभाव को कम

शनि को खुश करने के आसान घरेलु उपाय

शनि एक ऐसा ग्रह है जिससे हर व्यक्ति डरता है। परन्तु यह भी सत्य है की शनि की दशा प्रत्येक व्यक्ति के कुंडली में आता ही हैं। ज्योतिष के अनुसार एक बार शनि की दशा आप के कुंडली से चला भी गया तो फिर वो तीस वर्ष बाद आएगा ही। मान्यता है कि शनि हर तीस वर्ष पर आकर व्यक्ति

जब प्रभु राम और भगवन महादेव में हुई थी भीषण युद्ध – जानें किसकी हुई थी जीत?

प्रभु राम और भगवन महादेव में भीषण युद्ध (Fight between Ram and Mahadev Shiv) बात त्रेता युग की है जब भगवान विष्णु अपने सातवें अवतार में श्री राम (Sri Ram) के रूप में पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। भगवान राम ने रावण का वद्ध कर अयोध्या लौटने के बाद एक अश्वमेघ यज्ञ किया था। उन दिनों वही सम्राट अश्वमेघ यज्ञ

सोमवार का व्रत कथा और व्रत विधि – भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है इस पवित्र व्रत से

अगर कोई भी व्यक्ति शिव शंकर भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सोमवार का व्रत करता है, तो श्रद्धा भाव से  सोमवार का व्रत कथा का श्रवण निश्चित रूप से करना चाहिए। शिव बहुत भोले हैं तभी इनका नाम भोलेनाथ है। शिव आराधना अगर सच्ची श्रद्धा से किया जाय तो ये शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। शीघ्र प्रसन्न होने के कारण

मंगलवार व्रत कथा -Mangalvar Vrat Katha

धन-सम्पत्ति, यश, वैभव और संतान प्राप्ति के लिए प्रत्येक मंगलवार को पूरी दिन व्रत रख कर मंगलवार का व्रत कथा सुनना शुभ माना जाता है। अतः मंगलवार का व्रत करने वाले व्यक्ति को मंगलवार व्रत कथा का श्रवण पूरी श्रद्धा से करना चाहिए। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनायें पूरी करते हैं। हनुमान जी ऐसे देवता हैं

रुद्राक्ष का महत्व, इसका प्रकार और धारण करने की विधि

रुद्राक्ष का महत्व, रुद्राक्ष का प्रकार ,रुद्राक्ष धारण विधि रुद्राक्ष शब्द की उत्पति दो शब्दों रूद्र और अक्ष से हुई है। रूद्र तो साक्षात् भगवान शिव हैं। भगवान शिव के अनेक नामों में से एक नाम रूद्र भी है। और अक्ष का मतलव होता है अश्रु (आंसू ) होता है। अतः रुद्राक्ष को शिव का स्वरुप माना जाता है। कहा

नंदी ने शिव और पार्वती का मिलन कराया

नंदी ने शिव और पार्वती का मिलन कराया (Nandi marries Shiva and Parvati) कैलाश पर्वत पर भगवन महादेव अपनी अर्धांगनी पार्वती देवी को वेद की महात्म्य बता रहे थे जो बर्षों तक चलता रहा। इसी दौरान एक दिन पार्वती देवी की एकाग्रता कुछ छण के लिए टूट गयी। इस पर भगवन भोलेनाथ क्रोधित हो गए और क्रोध में उन्होने पार्वती

सबसे बड़े आध्यात्मिक गुरु थे मिथिला के राजा विदेह जनक

सबसे बड़े आध्यात्मिक गुरु : मिथिला के राजा जनक (King Janak of Mithila : A Great Spiritual Teacher) एक बार एक साधु मिथिला (Mithila) नगरी के भ्रमण के लिए आया। उन दिनों मिथिला नगरी के राजा जनक (King Janak) थे जो अत्यंत ही न्यायप्रिय थे। वो संसार में एक मात्र व्यक्ति थे जो गृहस्ताश्रम में रहते हुए भी ऋषि का

एक श्लोकी रामायण (Ek Shloki Ramayana) – दो पंक्ति के श्लोक में सम्पूर्ण रामायण

एक श्लोकी रामायण (Ek Shloki Ramayana) इस दो पंक्ति के श्लोक के पाठ करने से सम्पूर्ण रामायण के पाठ का फल प्राप्त होता है। हिन्दू धर्म के अनेक ग्रंथो में रामायण का एक विशिष्ट स्थान है। इसमें प्रभु श्री राम की जीवन लीलाओं का वर्णन किया गया है। साक्षात भगवान विष्णु पृथ्वी पर मनुष्य योनि में प्रभु श्री राम के

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (Dwadash Jyotirling Stotra)

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (Dwadash Jyotirlinga Stotra) इस छोटे से शिव स्तोत्र को सुबह शाम पढ़ने मात्र से सात जन्मों का पाप कटित होता है। चार पंक्तियों के द्वादश ज्योतिर्लिंग (Dwadash Jyotirlinga) स्तोत्र में बताया गया है कि किस जगह पर है शिव के 12 ज्योतिर्लिङ्ग हैं जिसके स्मरण मात्र से मनुष्य सभी पापों से मुक्त हो जाता है । स्तोत्र :-