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Month: March 2019

संतोषी माता की शुक्रवार व्रत कथा एवं व्रत विधि (Santoshi Mata Vrat Katha and Vrat Rules)

संतोषी माता की व्रत (Santoshi Mata Vrat) करने एवं संतोषी माता की व्रत कथा (Santoshi Mata Vrat Katha) पढ़ने व सुनने से सुख, शांति, सम्पति, सुहाग सहित अन्य सभी प्रकार की मनोकामना पूरी होती है। संतोषी माता व्रत की विधि (Santoshi Mata Vrat Rules) संतोषी माता की शुक्रवार व्रत कथा (Santoshi Mata Vrat Katha) प्राचीन काल की बात है, किसी गांव

गणेश जी की आरती – Ganesh Ji ki Aarati

बुधवार का दिन हैं भगवान गणेश की का दिन माना जाता हैं। महादेव एवं पार्वती के प्रिय पुत्र श्री गणेश एक ऐसे देव हैं जिनका महत्व सभी देवों में विशेष माना जाता है जिसके फलस्वरूप किसी भी पूजा से पहले श्री गणेश की पूजा की जाती हैं। श्री गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है। इनकी पूजा करने के बाद

जानें क्यों दूर्वा दल गणेश जी पर अर्पित किया जाता है

किसी समय अनलासुर नामक एक राक्षस रहता था। वह बहुत ही अत्याचारी था। उसने न केवल धरती पर बल्कि स्वर्ग में भी बहुत कहर मचा रखा था । उसने अपनी आँखों से आग निकालता था और उसके रास्ते में जो भी आता उसे नष्ट कर देता था । सभी देवी-देवता भयभीत हो गए और भगवान गणेश से मदद मांगी। भगवान

भगवान गणेश की जन्म कथा

जैसा की हम जानते हैं कि भगवान शिव और देवी पार्वती का निवास स्थान कैलाश पर्वत है । भगवान शिव पर पुरे संसार की जिम्मेदारियाँ हैं। अतः वो अधिकांश समय अपने जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए संसार के भ्रमण पर रहते थे, जबकि पार्वती कैलाश पर अकेली रहा करती थीं। एक दिन जब शिव घर में नहीं थे तो

क्या आप जानते हैं – हनुमानजी भगवान राम के ही भाई थे

हनुमानजी, भगवान राम के ही भाई थे राम के परम भक्त हनुमानजी की भक्ति और श्रद्धा के बारे में सभी जानते हैं। वे दोनों भक्त और भगवान का पवित्र रिश्ते से जुड़े हुए हैं । भक्त शिरोमणि हनुमानजी की भक्ति भाव तीनों लोकों में प्रसिद्ध है। लेकिन आज हम जानेंगे उन दोनों के बीच का अतुल्य भक्ति भाव वाले रिश्ते

बृहस्पतिवार / गुरुवार व्रत कथा एवं पूजा विधि (Guruvar Vrat Katha Evam Puja Vidhi)

बृहस्पतिवार / गुरुवार व्रत कथा एवं पूजा विधि (Guruvar Vrat Katha Evam Puja Vidhi) गुरुवार के दिन भगवान बृहस्पति की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति आती है। घर में धन-दौलत की कमी नहीं होती है । जल्द और सफल वैवाहिक जीवन के लिए भी बृहस्पतिवार / गुरुवार (Guruvar Vrat) का व्रत करना चाहिए। भगवान बृहस्पति अपने भक्तों को कभी निराश नहीं

सूर्य देव की आरती (Surya Dev ki Arati)

भगवान सूर्य का प्रति दिन प्रातः काल स्नानादि कर जलार्पण करने से जीवन में शांति, शक्ति, सफलता और सभी प्रकार की मनोकामना पूरी होती है। सनातन धर्म में सूर्य ही ऐसे देवता है जो सभी को दिखाई देते हैं। ऐसे सूर्य देव आरती करना व्यक्ति लिए बहुत श्रेयष्कर होता है। सूर्य देव की आरती (Surya Dev Aarti In Hindi) ऊँ

रविवार व्रत कथा – सूर्य देव जी की कथा (Ravivar Vrat Katha)

रविवार भगवान सूर्यदेव का दिन माना जाता है। प्रत्येक रविवार सूर्य देव की पूजा विधिवत करना चाहिए साथ ही पूजा उपरांत व्रत कथा सुनना चाहिए। आइये आज हम जानते है प्रभु सूर्यदेव की कथा और उसकी विधि। सूर्य देव जी की रविवार व्रत कथा प्राचीन काल में किसी नगर में एक बुढ़िया रहती थी। वह नियमित रूप से प्रत्येक रविवार

शनिवार व्रत कथा (Shani Vrat Katha)

पुराण में शनि ग्रह के प्रभाव से मुक्त होने के लिए बताया गया है कि “मूल” नक्षत्र वाले शनिवार से प्रारम्भ कर सात शनिवार तक शनिदेव की पूजा और व्रत करनी चाहिए। शनिवार व्रत कथा (Shani Vrat Katha) एक बार स्वर्गलोक में सबसे श्रेष्ठ देव कौन है के प्रश्न पर नौ ग्रहों में बहस प्रारम्भ हो गया। सभी ग्रह निर्णय के

हनुमान जी ने किया प्रभु श्री राम के विरुद्ध युद्ध का संचालन किया

अयोध्या में राम का धर्म महासभा उत्तर रामायण (Ramayan) में उल्लेख है कि अश्वमेध यज्ञ खत्म होने के बाद, अयोध्या में राम जी (Ram) ने एक महासभा का आयोजन किया था और जिसमें सभी देवगणों, ऋषियों, राजाओं, यक्षों, किन्नरों आदि को आमंत्रित किया गया था। सभा में नारद मुनि के कहने पर, एक राजा ने सभा में उपस्थित सभी गण

जानें क्या है होलिका दहन की पूजा करने का शुभ मुहूर्त

होलिका दहन और होली की पूजा करने का शुभ मुहूर्त (Holi or Holika Dahan Ka Shubh Muhurt ) होली में रंगों वाली होली के साथ होलिका दहन की पूजा का भी विशेष महत्व है। होली से एक दिन पहले चौराहों पर होलिका दहन पूजा किया जाता है। इसे छोटी होली कहा जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपने

कैसे हनुमान जी अपनी ताकत भूल गए थे ?

हनुमान जी भूले अपनी शक्ति (Hanuman forgot his power) : Story for Children in Hindi यह हनुमान के बचपन की कहानी  ( story ) है।  वैसे तो बच्चों (Children) का शरारती होना आम बात है परन्तु हनुमान का बचपन कुछ ज्यादा ही नटखटपन और शरारतों से भरा परा था। वह बचपन (childhood) से ही बहुत शक्तिशाली थे । वो अपनी